♣ इस ब्लॉग की किसी भी पोस्ट को अथवा उसके अंश को किसी भी रूप मे कहीं भी प्रकाशित करने से पहले अनुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें। ♣ क्यों था उरने को व्याकुल मेरा मन! वह नव बसंत का आगमन था ,
बृहस्पतिवार, 10 फरवरी 2011
मेरी कविताओं का संग्रह: चोरोंसे मंदिरोंकी रक्षा न कर सकनेवाले हिंदुओंकी रक...
मेरी कविताओं का संग्रह: चोरोंसे मंदिरोंकी रक्षा न कर सकनेवाले हिंदुओंकी रक...: "महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवाके पश्चात् अब उत्तरप्रदेशमें भी हिंदुओंके मंदिरोंमें चोरियां होने लगी हैं । ऐसी घटनाएं कभी गिरिजाघर अथवा मस्जिदमें..."
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2 टिप्पणियाँ:
good poems!
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