मंगलवार, 26 फ़रवरी 2013

ये कैसी मोहब्बत है


इस रह-ऐ उल्फत के मुसाफिर  के साथ  तूने क्या किया 
कभी अपना  लिया कभी ठुकरा दिया 
मेरी मोहब्बत  मिटटी का महल तो नहीं 
कभी बना दिया तो कभी उसी मिटटी  में  मिला दिया 
तुम ने मेरे साथ वो खुशियों की बारिश जिया हैं 
कभी तुमने सरबत तो कभी शोक ऐ - जज्बात  बना दिया 
में कोई कठपुतली  तो नहीं हूँ ऐ  मेरे  मेहरबां 
जब तुमने पहना दिया  चाहा  तो उतार  दिया 
तुम  ने मेरे साथ बेस -कीमती जिंदगी जिया है 
कभी दुनिया को  बता दिया कभी कभी तुमने छुपा  लिया
में  वो कुम्हार की मिटटी  नहीं जो 
पहले  बना दिया  फिर आग  में झोंक  दिया  
आजकल लोगों का ये ही फलसफा है मेरे खुदा 
कभी हमें याद  कर लिया तो कभी हमें भुला दिया
में  कोई चलती  राहा  नहीं ( में कोई रास्ता नहीं )
तुमने  कभी ये पकड़  लिया  कभी वो छोड़  दिया  
तुम ने मेरे साथ जिदगी का वो किताब -ऐ मोहब्बत जिया 
कभी तुमने लिख लिया कभी मिटा दिया 
दिनेश पारीक ( तन्हां मेरा मन )

53 टिप्‍पणियां:

  1. पहले बना दिया फिर आग में झोंक दिया
    सुन्दर पंक्ति
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. मेरी मोहब्बत मिट्टी का महल तो नहीं,

    बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति.

    उत्तर देंहटाएं
  3. बढ़िया है प्रियवर-
    शुभकामनाएं

    उत्तर देंहटाएं
  4. अपना मन भी थी एक राह जिंदगी की है ......बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं
  5. में कोई कठपुतली तो नहीं हूँ ऐ मेरे मेहरबां
    जब तुमने पहना दिया चाहा तो उतार दिया

    बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं
  6. तिरोहित मन के गुबार को प्रवाहित करती पंक्तियाँ बहुत खूब

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत खूब ... पर वो बेवफा हैं तो ऐसे ही दिल तोड़ते रहेंगे ...

    उत्तर देंहटाएं
  8. आजकल लोगों का ये ही फलसफा है मेरे खुदा
    कभी हमें याद कर लिया तो कभी हमें भुला दिया ,,,,
    लाजबाब बेहतरीन पंक्तियाँ ,,,,


    Recent Post: कुछ तरस खाइये

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति..........

    उत्तर देंहटाएं
  10. तुम ने मेरे साथ जिदगी का वो किताब -ऐ मोहब्बत जिया
    कभी तुमने लिख लिया कभी मिटा दिया ...aisa hi karte hain log ......bahut badhiya ...

    उत्तर देंहटाएं
  11. सुन्दर भावभीनी गज़ल प्यार भरी शिकायतें ।

    उत्तर देंहटाएं
  12. बेहतरीन काव्य प्रतिभा
    वाह वाह क्या बात है

    उत्तर देंहटाएं
  13. आजकल लोगों का ये ही फलसफा है मेरे खुदा
    कभी हमें याद कर लिया तो कभी हमें भुला दिया
    sachchaai !!

    उत्तर देंहटाएं
  14. तुम ने मेरे साथ जिदगी का वो किताब -ऐ मोहब्बत जिया
    कभी तुमने लिख लिया कभी मिटा दिया ...
    kya kahne hain, sach me bhawpurn...

    उत्तर देंहटाएं
  15. wah ! sach mein behtarin rachna....har line gehray bhav liye hue

    उत्तर देंहटाएं
  16. bahut hi sunder prastuti hai....

    उत्तर देंहटाएं
  17. आजकल लोगों का ये ही फलसफा है मेरे खुदा
    कभी हमें याद कर लिया तो कभी हमें भुला दिया.......
    बढ़िया पंक्ति....

    उत्तर देंहटाएं
  18. बढ़िया अभिव्यक्ति...
    शुभकामनायें !

    उत्तर देंहटाएं
  19. बहुत खूब ,बेहतरीन भाव

    उत्तर देंहटाएं
  20. बेहद भावपूर्ण अभिव्यक्ति...

    उत्तर देंहटाएं
  21. मेरी मोहब्बत मिटटी का महल तो नहीं
    कभी बना दिया तो कभी उसी मिटटी में मिला दिया

    बढ़िया अभिव्यक्ति...
    शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  22. तुम ने मेरे साथ जिदगी का वो किताब -ऐ मोहब्बत जिया
    कभी तुमने लिख लिया कभी मिटा दिया सुंदर अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं
  23. तुम ने मेरे साथ जिदगी का वो किताब -ऐ मोहब्बत जिया
    कभी तुमने लिख लिया कभी मिटा दिया ....बहुत खूब..

    उत्तर देंहटाएं
  24. सुन्दर प्रस्तुति -
    आभार आपका ||

    उत्तर देंहटाएं
  25. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  26. क्या बात है..क्या बात है
    शानदार प्रस्तुति
    साधुवाद
    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  27. सुंदर भाव, दिलकश अंदाज।

    होली की हार्दिक शुभकामनाएं। पर ध्‍यान रहे, बदरंग न हो होली।

    उत्तर देंहटाएं
  28. सुन्दर अभिव्यक्ति

    उत्तर देंहटाएं
  29. बेनामीजून 08, 2013

    A Consider Lcd Tv on pc

    Also visit my web page - Epson Powerlite Home Cinema 3020e price

    उत्तर देंहटाएं