बुधवार, 19 सितंबर 2012

मनहूस


मुझे तो  लोगो  ने  मनहूस  करार  दे दिया
मुझे तो अपनों ने सदाचार से दुराचार दे दिया
वहा भटक भी जाता मैं  जिन गलियों मैं वो थे
वहा रूक भी जाता मैं जी गलियों मैं वो थे |
हम तो उस दिन भी मोहबब्त करने गए थे
जिस दिन उन होने मुझे मुझे बे वफ़ा करार देदिया ||
मनहूस तो सायद था  ही में
मनहूस ही जन्मा  था मैं
तभी तो आपने मुझे कन्यादान का पुकार देदिया ....
मोहबब्त के कीड़े  मर गए दिल ही दिल में
 दीवाना बे मोहबब्त किये  मशहूर हो गया
जहाँ दिन के उजालों में  खुला प्यार चलता हो
वहा उनकी शादी  देखने को भी मैं मजबूर हो गया
 किस को पुकारू में लोगो ने चार कन्धा दे दिया
बारिश ने भी साथ न दिया  फिर मिटटी के  हवाले कर दिया
मुझे तो  लोगो  ने  मनहूस  करार  दे दिया
दिनेश पारीक