मुझे तो लोगो ने मनहूस करार दे दिया
मुझे तो अपनों ने सदाचार से दुराचार दे दिया
वहा भटक भी जाता मैं जिन गलियों मैं वो थे
वहा रूक भी जाता मैं जी गलियों मैं वो थे |
हम तो उस दिन भी मोहबब्त करने गए थे
जिस दिन उन होने मुझे मुझे बे वफ़ा करार देदिया ||
मनहूस तो सायद था ही में
मनहूस ही जन्मा था मैं
तभी तो आपने मुझे कन्यादान का पुकार देदिया ....
मोहबब्त के कीड़े मर गए दिल ही दिल में
दीवाना बे मोहबब्त किये मशहूर हो गया
जहाँ दिन के उजालों में खुला प्यार चलता हो
वहा उनकी शादी देखने को भी मैं मजबूर हो गया
किस को पुकारू में लोगो ने चार कन्धा दे दिया
बारिश ने भी साथ न दिया फिर मिटटी के हवाले कर दिया
मुझे तो लोगो ने मनहूस करार दे दिया
दिनेश पारीक