रविवार, 9 दिसंबर 2012

वो और मैं

हँसने से पहले उन्होंने मुझे कहा था 
की तुम रोना नहीं 
मैं हँसने का प्रयास  करता रहा और 
वो मुझे रुलाते चले गए 
मैं रोता चला गया वो हँसते चले गए 

कहा एक दिन उन्होंने हमें  कह भी दो एक कहानी 
मैं कह भी कैसे देता  आज तो अंशुओ की आहत सुने दे रही थी 
कभी प्रयास किया मैंने 
और एक किस्सा बनता चला गया 
मैं किस्सा कहता चला गया वो किस्सा बनाते चले गए  
मैं कहानिया बनता गया वो मिटाते  चले गए