♣ इस ब्लॉग की किसी भी पोस्ट को अथवा उसके अंश को किसी भी रूप मे कहीं भी प्रकाशित करने से पहले अनुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें। ♣ क्यों था उरने को व्याकुल मेरा मन! वह नव बसंत का आगमन था ,
रविवार, 1 जनवरी 2012
कुछ तुम कहो कुछ मैं कहु |: एक वर्ष ने और विदा ली एक वर्ष आया फिर द्वार।
कुछ तुम कहो कुछ मैं कहु |: एक वर्ष ने और विदा ली एक वर्ष आया फिर द्वार।: एक वर्ष ने और विदा ली एक वर्ष आया फिर द्वार। गए वर्ष को अंक लगाकर नए वर्ष की कर मनुहार।आता है कुछ लेकर प्रतिदिन जाता है कुछ देकर बोध। मैं बै...
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-ज़िंदगी का एक और रंग-
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6 टिप्पणियाँ:
बेहतरीन प्रस्तुति । मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । . नव वर्ष -2012 के लिए हार्दिक शुभ कामनाएँ ।
बेहतरीन ..नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये.....
नववर्ष की आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ.
apko bhi navvarsh ki shubhkamnaye
Very beautiful post...........
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये ||
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