रविवार, 1 जनवरी 2012

कुछ तुम कहो कुछ मैं कहु |: एक वर्ष ने और विदा ली एक वर्ष आया फिर द्वार।

कुछ तुम कहो कुछ मैं कहु |: एक वर्ष ने और विदा ली एक वर्ष आया फिर द्वार।: एक वर्ष ने और विदा ली एक वर्ष आया फिर द्वार। गए वर्ष को अंक लगाकर नए वर्ष की कर मनुहार।आता है कुछ लेकर प्रतिदिन जाता है कुछ देकर बोध। मैं बै...

6 टिप्‍पणियां:

  1. बेहतरीन प्रस्तुति । मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है । . नव वर्ष -2012 के लिए हार्दिक शुभ कामनाएँ ।

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  2. बेहतरीन ..नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये.....

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  3. नववर्ष की आपको बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएँ.

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  4. नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाये ||

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